CG Smart City Project Contract Scam: रायपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए के ठगी के आरोपी और बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने शनिवार को चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया कि केके और उसके बेटे कंचन ने करोड़ों रुपए चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किया है। यह पैसा हवाला के माध्यम से भेजा गया है।
CG Smart City Project Contract Scam: चार्जशीट के अनुसार दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। दोनों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि इन्होंने ऑनलाइन सट्टा एप महादेव बुक से जुड़ी मेस्टिजिक कंपनी में भी निवेश किया है। बता दें कि, पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव (64) ने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए।
CG Smart City Project Contract Scam: कमीशन पर लिए गए खाते
चार्जशीट में कहा गया है कि कंचन ने अपने परिचित अब्बास अली और कई अन्य लोगों के बैंक खातों का उपयोग पैसों के लेन-देन के लिए किया। इनके खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन मिले हैं। कई खातों को कमीशन पर लिया गया था।
पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कैनरा बैंक और एक्सिस बैंक से लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाल कर उसकी डिटेल्स को चार्जशीट में शामिल किया गया है।
CG Smart City Project Contract Scam:5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर
चार्जशीट में कहा गया है कि नोएडा के कारोबारी अर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे। यह रकम अकाउंट नंबर 14900500…, 500000…, 0026050… 10126077… 001063400… में ट्रांसफर की गई। इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके श्रीवास्तव के लिए काम करता था।
CG Smart City Project Contract Scam: चार्जशीट में कहा गया है कि, पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में थे और उन्हें वॉट्सएप पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजते रहे, जिससे अर्जुन को भरोसा हो गया कि वह काम दिला देंगे। कुछ रकम लौटाने के बाद बाकी पैसा वापस नहीं किया गया। दोनों ने पैसे को निजी उपयोग में खर्च कर दिया। तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे। पुलिस ने लंबी जांच के बाद 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया था।