UPI Cyber Fraud Compensation: नई दिल्ली: आरबीआई ने डिजिटल फ्रॉड से ग्राहकों को राहत देने की बड़ी घोषणा की है। यूपीआई जैसे डिजिटल लेनदेन में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेनदेन में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक का मुआवजा देने का फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 4 से 6 फरवरी 2026 तक चली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद शुक्रवार को यह ऐलान किया।
UPI Cyber Fraud Compensation: आरबीआई ने कहा कि छोटे मूल्य के फ्रॉड मामलों (जिनमें ज्यादातर राशि 55,000 रुपये से कम होती है) में ग्राहकों की सुरक्षा के लिए नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। यह मुआवजा एक बार का होगा और बैंक ग्राहकों को वित्तीय नुकसान से बचाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोग अक्सर ओटीपी फ्रॉड, फर्जी शादी कार्ड या बैंक एजेंट बनकर ठगी का शिकार होते हैं। यह कदम आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
UPI Cyber Fraud Compensation: आरबीआई जल्द ही संशोधित दिशानिर्देशों का ड्राफ्ट जारी करेगा, जिसमें मिस-सेलिंग, रिकवरी एजेंट्स पर सख्ती और ग्राहक दायित्व के नियम शामिल होंगे। यह ड्राफ्ट सार्वजनिक परामर्श के लिए आएगा, जिसमें आम लोग अपनी राय दे सकेंगे। इसके अलावा, एमएसएमई सेक्टर के लिए कोलेटरल-फ्री लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), लीड बैंक स्कीम और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट मॉडल की समीक्षा पूरी हो चुकी है। आरबीआई जल्द संशोधित दिशानिर्देश जारी करेगा और एक एकीकृत पोर्टल लॉन्च करेगा।